रुपैया

सबसे बड़ा हुआ रुपैया
सबका खुदा हुआ रुपैया
सबको डस गया रुपैया
न मान रहा न सम्मान
हम सबको भूल गए भइया
सबका सब कुछ है रुपैया
रिश्तों ने दामन छोड़ा
परिवार ने मन सम्मान
हमारे पास न था रुपैया
हम न बन पाए किसी के भइया
सबका सब कुछ है रुपैया
जग में छा गया है भइया
सब कुछ बन बैठा है रुपैया
बेटा बिकता है बेटी बिकती है
इस रुपैये के आग में
जग में क्या ऐसा है
जो न खरीद सके ये जग
बस दाम सही हो भइया
सब कुछ है ये रुपैया
नहीं तो हर कोई छोड़ जायेगा तुम्हे भाई
क्यों की हर कुछ है रुपैया

Advertisements

तेरी याद

न तो तू आयी होती न तेरी याद आयी होती
मै तो यही का यही रह गया होता
पर तू यहाँ से कहा चली गयी
न तू आयी होती न तेरी याद आयी होती
हमेशा खुदा से मैंने सपने में भी
तेरी ख़ुशी और तेरा प्यार माँगा
ज़िन्दगी का सजा और मजा
क्या हुई ये खुद को मालूम नहीं
जाने तू किधर से उधर चली गयी
फिर भी मै यही का यही रह गया
न तू आयी होती न तेरी याद आयी होती
कहा से चला मै यहाँ के लिए
यहाँ से मै चला अब कहा के लिए
फिर भी मेरा क्या कसूर
जो तजु इधर से उधर भी है
जिधर भी तो देखु उधर भी तो है तू
पर मै कहा का कहा हो गया
न तू आयी न तेरी याद आयी

घर- आया

बाहर से जब मैं घर आया
माँ देखि बेटे को अपने
हुआ दुःख माँ को अब
बेटे का तन देखकर
बाहर से जब मैं घर आया
बाप न देखा बेटे को अपने
सब खा गए या फिर बचाकर लाये
हुआ दुःख बाप को अब
देना होगा खर्चा अपने पास से अब
बाहर से जब मैं घर आया
देखे देखे भाई बहन
हुआ दुःख भाई बहन को
क्यों की भाई का हाथ हैं खाली
जो बोले थे कुछ भी न लाये
सब खाय पिया उड़ाया है
अपने बारे में सब ने सोचा
मेरे बारे में नहीं पूछा है कोई
इतने से मतलब रहा सबको
कितना पाए कितना खाये
बाहर से जब मैं घर आया

एक तमाशा

दुनिया एक तमाशा है
ये आशा और निराशा है
रंगीन खूब है लेकिन
कोई गाढ़ा कोई हल्का
दुनिया एक तमाशा है
फूल तो यहाँ खूब है
लेकिन सबकी अलग ख्वाइश
दुनिया एक तमाशा है
ये आशा और निराशा है
ये रंग मंच की दुनिया है
यहाँ रंग पहचान पाना भी है मुश्किल
दुनिया एक तमाशा है
ये आशा और निराशा है
यहाँ कोई किसी को रास्ता नहीं देता
सब एक दूसरे पर है भारी
दुनिया एक तमाशा है
ये आशा और निराशा है ॥

माँ बाप

माँ बाप ने जन्म दिया बेटे को
लगी अंचल में सुलझाने माँ बेटे को
गीले में सोकर सूखे में सुलाती माँ बेटे को
पेट नहीं भरा होगा फिर पेट भरा माँ बेटे का
खुद के तन पर कपडे नहीं लेकिन ढाका माँ बेटे का
लगी संजोने सपने अपने माँ बेटे का
होने लगी बुढ़ापे की शुरुआत माँ बाप का
बहु दिलाना चाहे अब माँ बेटे को
इस उम्र में खाना कौन पकाये माँ बोले बेटे को
तू कुछ भी नहीं है सुनता माँ बोले बेटे को
समझ न पाए इच्छा अपने माँ बेटे
बचपन से जो सपने बताये माँ बेटे को
पूरा भी न कर दे सपने माँ बेटे को
जिद अब इतनी बढ़ गयी माँ की बेटे को
कपडे कौन धोये मै बूढी माँ बोले बेटे को
बहु लाओ अब इतनी ख्वाइस माँ बोले बेटे को
लाखों में लक्ष्मी होगी बहु मेरी माँ बोले बेटे को
ख्वाइस मेरी पूरी कर दो माँ बोले बेटे को
भूल गयी की क्या तुम बीटा बोले माँ को
बस मेरी अंतिम इच्छा बहु लाओ माँ बोले बेटे को

महफ़िल

यादों की महफ़िल में ज़िन्दगी
मेरी ज़िन्दगी एक चिता बन गयी
सोच सोच कर मेरी खोपड़ी
एक सील सिला बन गयी
शायद ज़िन्दगी के आशियानें को
हर मुलाकातों में समझा
पर हम हमेशा पीछे रह गए
कहाँ क्या उजड़ा हमारा
न हम सोच पाए पर
हम देखते देखते नाजुक बन गए
यादों की हर महफ़िल ने
हमको हमेशा नासूर बनाया
फिर भी हम हमेशा कहते गए
सोच तो न हम न पाए
जो जैसा था हम समझे
यही है खुश – नसीबी हमारी
यादों की महफिल में जली तो मेरी ज़िन्दगी
जल कर ज़िन्दगी मेरी राख हो गयी ॥

देखते-देखते

बीत गए दिन उन्हें देखते-देखते
कहना चाहा पर कह न मै पाया
गुजर गए दिन देखते देखते
क्या है जवानी क्या है उमंग
चले गए वो देखते देखते
हमने जो सोचा वही थे वो सोचे
पर न हुई मुलाकात हमसे
वो दूर हुए देखते देखते
हम है खुश वो है खुश
हर खुशियाली गुजर गयी
हमें उन्हें देखते देखते
क्या थे दिन वो हमारे
हम थे जो सोचते
गुजर गए सब देखते देखते
यार दोस्तों की महफिले
दोस्तां चला था निभाने
सब कुछ गुजर गया उनका
हमें देखते देखते ,क्या वो मिलेंगे हमसे
या हम मिलेंगे उनसे ,सब कुछ गुजर गया
अब हमें देखते देखते ॥

ये ज़िन्दगी

कितनी प्यारी है ये ज़िन्दगी
कितनी न्यारी है ये ज़िन्दगी
काँटों पर चलकर सुधरती है ये ज़िन्दगी
काँटों में पलकर महकती है ये ज़िन्दगी
जी भर जीना पड़ता है ज़िन्दगी
खुशियों ग़मों को लेंना होता है ज़िन्दगी
कितनी प्यारी है ये ज़िन्दगी
हर मंजिले हर रास्ते देती है ज़िन्दगी
गम दुःख दर्द देती है ये ज़िन्दगीकितनी प्यारी है ये ज़िन्दगी
कितनी न्यारी है ये ज़िन्दगी
काँटों पर चलकर सुधरती है ये ज़िन्दगी
काँटों में पलकर महकती है ये ज़िन्दगी
जी भर जीना पड़ता है ज़िन्दगी
खुशियों ग़मों को लेंना होता है ज़िन्दगी
कितनी प्यारी है ये ज़िन्दगी
हर मंजिले हर रास्ते देती है ज़िन्दगी
गम दुःख दर्द देती है ये ज़िन्दगी
खुशियों का हर पल बिताती है ज़िन्दगी
हर दिन हर रात बीतती है ज़िन्दगी
पल भर में बदल जाती है ज़िन्दगी
बदल जाते है रिश्ते भी ये ज़िन्दगी
कितनी मस्त भरी है ये ज़िन्दगी
हंसकर रोकर बिताना होता है ज़िन्दगी
सोकर उठकर गुजर जाती है ज़िन्दगी
कितनी प्यारी है ये ज़िन्दगी ॥
खुशियों का हर पल बिताती है ज़िन्दगी
हर दिन हर रात बीतती है ज़िन्दगी
पल भर में बदल जाती है ज़िन्दगी
बदल जाते है रिश्ते भी ये ज़िन्दगी
कितनी मस्त भरी है ये ज़िन्दगी
हंसकर रोकर बिताना होता है ज़िन्दगी
सोकर उठकर गुजर जाती है ज़िन्दगी
कितनी प्यारी है ये ज़िन्दगी ॥

Create your website at WordPress.com
Get started